बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात दिव्हा (Ditwah) का असर भारत के दक्षिणी राज्यों पर पड़ने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया है। चक्रवात के प्रभाव से इन क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका है।
**श्रीलंका को भारत की सहायता:**
चक्रवात दिव्हा के कारण श्रीलंका में गंभीर बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 153 लोगों की मौत हो चुकी है और 191 लोग लापता हैं। भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ चलाकर श्रीलंका को राहत सामग्री पहुंचाई है और बचाव कार्यों में मदद की है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने NDRF कर्मियों और श्रीलंकाई अधिकारियों के बीच तालमेल की सराहना की है।
**साइक्लोन दिव्हा की वर्तमान स्थिति:**
IMD के अनुसार, चक्रवात दिव्हा का केंद्र दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में स्थित है और यह तमिलनाडु-पुडुचेरी तट से लगभग 70 किलोमीटर दूर है। अगले 24 घंटों में इसके उत्तर की ओर बढ़ते रहने की संभावना है, जिससे तट के करीब पहुंचने पर हवा की गति बढ़ सकती है।
**तटीय क्षेत्रों में अलर्ट:**
IMD ने विशेष रूप से उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और सटे हुए दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों के लिए रेड अलर्ट घोषित किया है। पुडुचेरी के तटवर्ती इलाकों में पहले से ही तेज हवाएं और समुद्र में ऊंची लहरें देखी जा रही हैं। तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है, जिसके कारण एक दुखद घटना में दीवार गिरने से एक युवती की जान चली गई।
**चक्रवात के कमजोर पड़ने की उम्मीद:**
हालांकि, मौसम विभाग ने यह भी अनुमान लगाया है कि साइक्लोन दिव्हा धीरे-धीरे अपनी शक्ति खो रहा है और आज शाम तक यह एक डीप डिप्रेशन में बदल सकता है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि चक्रवात के तमिलनाडु तट पर सीधे टकराने (लैंडफॉल) की संभावना नहीं है।
**संचार व्यवस्था पर विशेष ध्यान:**
संचार व्यवस्था की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए, दूरसंचार विभाग (DoT) ने एक 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है। यह कंट्रोल रूम मोबाइल सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर काम करेगा ताकि चक्रवात के दौरान संचार में कोई बाधा न आए और किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके।
