श्रीलंका भयावह चक्रवात ‘दितवाह’ की चपेट में है, जिसके कारण विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन हुए हैं। अब तक 123 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 130 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। कैंडी जिले में सबसे अधिक 51 जानें गई हैं, जबकि बडुल्ला जिले में 35 लोगों की मृत्यु हुई है। केगाले, मटाले, नुवारा एलिया और अम्पारा जिलों में भी जानमाल का नुकसान हुआ है। लगभग 3.7 लाख से अधिक लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं, जिनमें हजारों बेघर हो गए हैं।
बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अनुराधपुरा-पुट्टलम सड़क पर एक बस पानी के तेज बहाव में फंस गई थी, जिसे स्थानीय लोगों और बचाव दलों की मदद से खाली कराया गया। भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत श्रीलंका को तत्काल सहायता प्रदान की है। भारतीय वायु सेना और नौसेना ने NDRF की टीमों, बचाव उपकरणों और आवश्यक राहत सामग्री के साथ कोलंबो में मोर्चा संभाला है। भारत सरकार ने अपने नागरिकों की मदद के लिए भी विशेष इंतजाम किए हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। शनिवार 29 नवंबर को कुड्डलोर, नागपट्टिनम, विल्लुपुरम जैसे जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। रविवार 30 नवंबर को तिरुवल्लूर और रानीपेट जिलों में भी भारी वर्षा का अनुमान है। इन क्षेत्रों में संभावित खतरे से निपटने के लिए NDRF की कई टीमें पहले से ही तैनात कर दी गई हैं और अतिरिक्त टीमों को भी भेजा जा रहा है।
