पाकिस्तान की सेना के प्रमुख आसिम मुनीर एक खतरनाक खेल खेल रहे हैं। उन्होंने खुद को एक चतुर शतरंज खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है, जो अंतरराष्ट्रीय शक्तियों को अपनी चालों से नियंत्रित कर रहा है। उनकी नवीनतम योजना अफगानिस्तान को दुनिया के शक्तिशाली देशों, विशेष रूप से अमेरिका और चीन के निशाने पर लाना है। यह एक ऐसी सोची-समझी रणनीति है जो पाकिस्तान के लंबे इतिहास के आतंकवाद फैलाने के एजेंडे को जारी रखती है। मुनीर हाल की घटनाओं का फायदा उठाकर, अफगानिस्तान को वैश्विक अशांति के केंद्र के रूप में चित्रित कर रहे हैं, ताकि अमेरिका और चीन तालिबान को खत्म करने के लिए आगे आएं, जो काम पाकिस्तान खुद करने में असमर्थ रहा है।
यह कृत्य पाकिस्तान के पाखंड का एक और जीता-जागता सबूत है। यह वही राष्ट्र है जो दशकों से दुनिया भर में आतंकवादी समूहों को समर्थन देने के लिए जाना जाता है। अल-कायदा के संस्थापक ओसामा बिन लादेन को पनाह देना और मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद जैसे लोगों को खुलेआम घूमना, पाकिस्तान की आतंकवाद से साठगांठ को दर्शाता है। अब, वही देश अफगानिस्तान को एक आतंकवादी खतरे के रूप में पेश करके अपनी भूमिका से पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहा है।
ताजिकिस्तान ड्रोन हमला और व्हाइट हाउस के पास हुई घटना: मुनीर के हथियार
मुनीर को अपनी दुष्प्रचार मुहिम के लिए दो प्रमुख घटनाएं मिली हैं। पहला, ताजिकिस्तान में एक सोने की खदान पर ड्रोन हमला, जिसमें तीन चीनी नागरिक मारे गए। दूसरा, अमेरिका में वाशिंगटन डीसी के पास अफगान नागरिक द्वारा नेशनल गार्ड के जवानों पर हमला, जिसमें एक जवान की मौत हो गई। पाकिस्तान इन दोनों घटनाओं का इस्तेमाल यह साबित करने के लिए कर रहा है कि तालिबान द्वारा नियंत्रित अफगानिस्तान अब दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है। पाकिस्तान की सेना तालिबान का मुकाबला करने में सक्षम नहीं है, इसलिए वह अमेरिका और चीन जैसे देशों को इस लड़ाई में घसीटना चाहता है।
विश्व आतंकवाद का निर्यात करने वाला देश अब किसे सबक सिखाएगा?
पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर आतंकवाद का आरोप उसके अपने शर्मनाक अतीत को छिपाने का प्रयास है। यह देश आतंकवाद निर्यात करने के लिए कुख्यात रहा है:
हाल ही में, पाकिस्तानी मूल के शहबाज खान को अमेरिका में आतंकवादी हमले की साजिश रचने के आरोप में पकड़ा गया। पिछले साल, एक पाकिस्तानी-अमेरिकी नागरिक आसिफ मर्चेंट को अमेरिका में महत्वपूर्ण व्यक्तियों की हत्या की योजना बनाते हुए गिरफ्तार किया गया था। 2015 में कैलिफोर्निया में हुए आतंकवादी हमले, जिसमें 14 लोग मारे गए थे, को पाकिस्तानी मूल के आतंकवादियों ने अंजाम दिया था। 2010 में, न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में आतंकवादी फैसल शाहजाद द्वारा किए गए बमबारी के प्रयास को कौन भूल सकता है?
यह देखते हुए, पाकिस्तान का आतंकवाद पर उपदेश देना अत्यंत हास्यास्पद है।
तालिबान का जवाब: पाकिस्तान की आईएसआई पर लगे गंभीर आरोप
तालिबान ने पाकिस्तान के दुष्प्रचार का पुरजोर खंडन किया है। तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने सीधे तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आईएसआई इन घटनाओं को अंजाम देकर तालिबान को बदनाम करने की कोशिश कर रही है, क्योंकि तालिबान भारत और अन्य देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है। यह आरोप इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पाकिस्तान के गुप्त एजेंडे की ओर इशारा करता है। पाकिस्तान नहीं चाहता कि अफगानिस्तान स्वतंत्र रूप से आगे बढ़े या भारत के साथ उसके संबंध प्रगाढ़ हों। इसलिए, मुनीर ने वैश्विक शक्तियों को गुमराह करने के लिए दुष्प्रचार और झूठे झंडे के ऑपरेशन का सहारा लिया है।
