डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में भारत के साथ अमेरिका के संबंध पहले जैसे नहीं रहे। पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके अच्छे संबंध थे, जिसका प्रमाण हाउडी मोदी और नमस्ते ट्रंप जैसे कार्यक्रमों में देखने को मिला। लेकिन बाद में क्या हुआ कि दोनों देशों के बीच दूरियां बढ़ गईं?
इन विवादों के पीछे कई कारण थे:
1. सीजफायर पर दावा: ट्रंप, भले ही भारत ने इनकार किया, बार-बार दावा करते रहे कि भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम का श्रेय उन्हें जाता है।
2. नोबेल पुरस्कार की चाहत: ट्रंप चाहते थे कि भारत उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित करे, लेकिन भारत ने ऐसा नहीं किया, जिससे वह नाराज हो गए।
3. कनाडा में मुलाकात टली: जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान, मोदी और ट्रंप के बीच एक बैठक होनी थी, लेकिन यह नहीं हो पाई। ट्रंप ने मोदी से अमेरिका आने को कहा, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया।
4. कश्मीर पर मध्यस्थता: भारत ने कश्मीर मुद्दे पर किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिससे ट्रंप असहमत थे।
5. भारत को ‘मृत अर्थव्यवस्था’ कहना: ट्रंप ने भारत को ‘मृत अर्थव्यवस्था’ कहा और व्यापार नीतियों पर सवाल उठाए, जिसके बाद भारतीय उत्पादों पर टैरिफ बढ़ा दिया गया।
6. अमेरिकी कृषि उत्पादों पर टैरिफ: भारत ने अमेरिकी कृषि उत्पादों पर टैरिफ कम करने से इनकार कर दिया, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते में बाधा आई।
7. रूसी तेल की खरीद: अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल खरीदने के कारण टैरिफ लगाया, जबकि भारत ने इसे राष्ट्रीय हित में बताते हुए खरीद जारी रखी।