व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीनी छात्रों पर दिए गए बयान पर सफाई दी है। व्हाइट हाउस ने बताया कि ट्रंप का बयान 6 लाख नए चीनी छात्रों को अमेरिका में आने की अनुमति देने से संबंधित नहीं था। यह आंकड़ा पिछले दो वर्षों में अमेरिकी विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे लगभग 3 लाख चीनी छात्रों से जुड़ा है।
ट्रंप ने कहा था, ‘मैंने सुना है कि हम चीनी छात्रों को आने नहीं देंगे। हम उन्हें आने देंगे। 6 लाख छात्र हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, हम चीन के साथ मिलकर काम करेंगे।’ इस बयान पर उनकी आलोचना हुई थी क्योंकि यह चीनी छात्रों को वीजा देने की उनकी कथित योजना से जुड़ा था।
फिलहाल अमेरिका में 2.70 लाख से अधिक चीनी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। 2019-2020 में यह संख्या 3.72 लाख से अधिक थी, लेकिन 2023 में घटकर 2.77 लाख रह गई।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, ‘राष्ट्रपति ट्रंप चीनी छात्रों के लिए छात्र वीजा में वृद्धि का प्रस्ताव नहीं कर रहे हैं। 6 लाख छात्रों का मतलब 2 साल के वीजा से है। यह मौजूदा नीति का ही विस्तार है।’ ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर चीन अमेरिका को मैग्नेट नहीं देता है तो वे 200% टैरिफ लगा सकते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि चीनी छात्रों को अभी भी अमेरिका में पढ़ने की अनुमति दी जाएगी। दक्षिणपंथी एक्टिविस्ट लॉरा लूमर ने ट्रंप की आलोचना करते हुए चीनी छात्रों को कम्युनिस्ट पार्टी का जासूस बताया और आरोप लगाया कि ट्रंप अमेरिका फर्स्ट एजेंडे को कमजोर कर रहे हैं।