मुकेश अंबानी, जो तकनीक की दुनिया में अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार हैं, ने Reliance Intelligence लॉन्च करने की घोषणा की है। यह कदम एआई (AI) की ओर बढ़ते वैश्विक रुझान को देखते हुए उठाया गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन ने रिलायंस एजीएम 2025 में इस पहल की घोषणा की, जिसका उद्देश्य भारत को एआई के क्षेत्र में एक प्रमुख वैश्विक खिलाड़ी बनाना है।
Reliance Intelligence चार मुख्य मिशनों पर केंद्रित होगी: बड़े पैमाने पर एआई डेटा सेंटर बनाना जो ग्रीन एनर्जी द्वारा संचालित होंगे, वैश्विक सहयोग स्थापित करना, भारत के लिए विशिष्ट एआई सेवाएं विकसित करना और एआई टैलेंट को बढ़ावा देना। कंपनी पहले ही गुजरात के जामनगर में डेटा सेंटर बनाने का काम शुरू कर चुकी है।
Reliance Intelligence का लक्ष्य उपभोक्ताओं, छोटे व्यवसायों और कंपनियों को विश्वसनीय और सरल एआई समाधान प्रदान करना है। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी इन सेवाओं से लाभ होगा। ये सेवाएं सभी भारतीयों के लिए किफायती और सुलभ होंगी।
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने रिलायंस के साथ साझेदारी में भारतीय व्यवसायों के लिए ओपन-सोर्स एआई मॉडल पेश करने की बात कही। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने बताया कि रिलायंस और गूगल मिलकर जेमिनी एआई मॉडल को रिलायंस इंडस्ट्रीज के विभिन्न व्यवसायों में एकीकृत करेंगे, जिनमें ऊर्जा, दूरसंचार, खुदरा और वित्तीय सेवाएं शामिल हैं।