बिहार में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की अगुवाई में महागठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा आज छपरा से आरा तक जाएगी। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इस यात्रा में शामिल होंगे। यात्रा का फोकस अब वोट चोरी और SIR के मुद्दों से हटकर पलायन, बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान, जातिगत जनगणना और आरक्षण पर केंद्रित हो गया है।
महागठबंधन की यह यात्रा 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई थी। शुरुआत में इसका मुख्य मुद्दा वोट चोरी और SIR था, लेकिन अब इसमें कई और मुद्दे जुड़ गए हैं। महागठबंधन का दावा है कि वह जनता तक अपनी बात पहुंचाने में सफल रहा है, जिससे यात्रा में भीड़ भी बढ़ रही है।
चुनावी रणनीति के तहत, महागठबंधन अब राज्य में पलायन, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, चिकित्सा और शिक्षा की खराब स्थिति पर जोर दे रहा है। इसके साथ ही, लोकलुभावन वादे भी किए जा रहे हैं, जिसमें जनता के मुद्दों को उठाकर लोकलुभावन वादे शामिल हैं।
कांग्रेस का प्रयास है कि वह दलितों और ईबीसी को महागठबंधन से जोड़े। राहुल गांधी ने दलित नेता राजेश राम को अध्यक्ष बनाया है और बार-बार जातिगत जनगणना कराने और आरक्षण बढ़ाने का वादा कर रहे हैं।
इस यात्रा को मजबूती देने के लिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और सचिन पायलट भी बिहार पहुंचे।
ओबीसी नेता तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी के साथ राहुल गांधी की इस यात्रा में अखिलेश यादव भी शामिल हो रहे हैं, जिससे यह और भी महत्वपूर्ण हो गई है। सिवान, छपरा और आरा में पहली बार तीन प्रमुख नेताओं की तिकड़ी एक साथ दिखेगी, अब देखना यह है कि यह तिकड़ी चुनाव में कितना असर डालती है।