भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे विशेष सघन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान की समय-सीमा एक सप्ताह बढ़ा दी है। इस महत्वपूर्ण निर्णय से नागरिकों को मतदाता सूची में अपने विवरणों की जाँच और सुधार के लिए अधिक अवसर मिलेगा, जो आने वाले चुनावों के लिए बेहद आवश्यक है। अब, मतदाता सूची का प्रारूप 9 दिसंबर के स्थान पर 16 दिसंबर, 2025 को जारी किया जाएगा। वहीं, मतदाता सूची का अंतिम संस्करण 7 फरवरी, 2026 की जगह 14 फरवरी, 2026 को प्रकाशित होगा।
यह विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया कई राज्यों में सक्रिय रूप से चल रही है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना और मौजूदा विवरणों की शुद्धता सुनिश्चित करना है। आयोग ने इस विस्तार के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि कोई भी नागरिक प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।
नई समय-सारणी के अनुसार, मतदान केंद्रों के युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्था का कार्य 11 दिसंबर, 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद, 12 दिसंबर से 15 दिसंबर, 2025 के बीच प्रारूप मतदाता सूची तैयार की जाएगी। प्रारूप मतदाता सूची का सार्वजनिक प्रदर्शन 16 दिसंबर, 2025 को होगा। दावों और आपत्तियों को दर्ज कराने की अवधि 16 दिसंबर, 2025 से शुरू होकर 15 जनवरी, 2026 तक चलेगी।
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (EROs) द्वारा प्राप्त दावों और आपत्तियों पर सुनवाई और उनका निपटारा 16 दिसंबर, 2025 से 7 फरवरी, 2026 तक चलेगा। इसके उपरांत, अंतिम प्रकाशन की स्वीकृति के लिए मतदाता सूची के स्वास्थ्य मानकों की जाँच 10 फरवरी, 2026 तक होगी। अंततः, सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, मतदाता सूची का अंतिम रूप से प्रकाशन 14 फरवरी, 2026 को किया जाएगा।
यह विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही है। यह चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
