गर्मी के मौसम में पेयजल की किल्लत झेल रहे लोगों के लिए एक और बुरी खबर है। बहुप्रतीक्षित फेज 2 पेयजलापूर्ति परियोजना अब सितंबर 2026 तक ही पूरी हो पाएगी। इस देरी का मतलब है कि इस साल की गर्मी में भी परियोजना से पानी मिलने की उम्मीद धूमिल है, जिससे लाखों लोगों को परेशानी होगी।
परियोजना में हो रही देरी के कई कारण हैं। जमीन अधिग्रहण से जुड़ी समस्याएं, तकनीकी बाधाएं और निर्माण सामग्री की आपूर्ति में व्यवधान प्रमुख हैं। अधिकारियों का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण काम सुनिश्चित करने के लिए इन देरी को स्वीकार करना पड़ रहा है। हालांकि, इस देरी का सीधा असर आम आदमी की जिंदगी पर पड़ेगा, जिन्हें पेयजल के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है।
नागरिकों ने परियोजना में हो रही देरी को लेकर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए नई समय-सीमा बार-बार आगे बढ़ाई जा रही है, जिससे उनका विश्वास कम हुआ है। वे सरकार से इस परियोजना को प्राथमिकता देने और जल्द से जल्द पूरा करने की मांग कर रहे हैं। पानी की बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति के बीच, यह देरी एक बड़ी चुनौती पेश करती है।
यह परियोजना शहर के पेयजल की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अब जब नई समय-सीमा सितंबर 2026 निर्धारित की गई है, तो यह देखना होगा कि क्या विभाग इस लक्ष्य को हासिल कर पाते हैं। जनता को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में उन्हें इस परियोजना का लाभ मिलेगा और पेयजल की समस्या से निजात मिलेगी।
