कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी सत्ता संघर्ष के बीच एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार शनिवार को एक साथ नाश्ते पर मिले। इस मुलाकात ने उन अटकलों को और हवा दी है, जिनमें कहा जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच पद को लेकर तनातनी चल रही है।
कांग्रेस को 2023 के विधानसभा चुनावों में मिली जीत के बाद से ही यह सवाल बना हुआ है कि राज्य का नेतृत्व कौन करेगा। एक ओर जहां सिद्धारमैया मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यभार संभाले हुए हैं, वहीं डी. के. शिवकुमार उप मुख्यमंत्री हैं। ऐसी भी खबरें हैं कि पार्टी आलाकमान ने दोनों नेताओं के बीच एक रोटेशनल मुख्यमंत्री पद के समझौते पर सहमति जताई थी, जिसके तहत अब शिवकुमार के पद संभालने की बारी हो सकती है।
इस बीच, डी. के. शिवकुमार ने अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि वे मुख्यमंत्री बदलने को लेकर कांग्रेस नेतृत्व के साथ किसी भी चर्चा में शामिल नहीं हैं और उन्हें किसी भी बदलाव की कोई जल्दी नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ उनकी मुलाकात सामान्य और सौहार्दपूर्ण थी।
कांग्रेस के लिए यह नेतृत्व का मुद्दा लगातार एक चुनौती पेश कर रहा है। इस गतिरोध को दूर करने और आगे की रणनीति तय करने के लिए 30 नवंबर को एक अहम बैठक निर्धारित की गई है। इस बैठक में पार्टी की शीर्ष नेतृत्व, जिसमें सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी शामिल हैं, कर्नाटक के राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा करेंगे। संभावना है कि सिद्धारमैया और शिवकुमार को भी इस महत्वपूर्ण चर्चा के लिए दिल्ली बुलाया जा सकता है।
