केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित 60वें अखिल भारतीय पुलिस महानिदेशक (DGsP) और पुलिस महानिरीक्षक (IGsP) सम्मेलन को संबोधित करते हुए नक्सलवाद के मुद्दे पर एक दृढ़ रुख अपनाया है। उन्होंने घोषणा की कि अगले डीजीपी/आईजीपी सम्मेलन तक नक्सलवाद का पूरी तरह से सफाया कर दिया जाएगा। यह बयान आंतरिक सुरक्षा को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
गृह मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि अमित शाह ने कहा कि देश अगले सम्मेलन से पहले नक्सलवाद की समस्या से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा। उन्होंने मोदी सरकार द्वारा नक्सलवाद को खत्म करने के लिए उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला। पिछले सात वर्षों में 586 किलेबंद पुलिस स्टेशनों का निर्माण करके सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया गया है। इसके परिणामस्वरूप, नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 2014 में 126 से घटकर अब केवल 11 रह गई है, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
शाह ने इस बात पर भी जोर दिया कि मोदी सरकार ने तीन बड़े मुद्दों – नक्सलवाद, पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर – का स्थायी समाधान निकाल लिया है। उन्होंने कहा कि ये क्षेत्र जल्द ही देश के बाकी हिस्सों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर विकसित होंगे। सुरक्षा बलों और पुलिस को आतंकवाद, कट्टरपंथ और नशीले पदार्थों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज करने के लिए खुफिया जानकारी की सटीकता, स्पष्ट उद्देश्यों और समन्वित प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया गया है।
नशीले पदार्थों और संगठित अपराध के खिलाफ एक व्यापक ‘360-डिग्री’ हमला करने की आवश्यकता पर बल देते हुए, शाह ने एक ऐसी प्रणाली बनाने का आह्वान किया जिसमें ड्रग तस्करों और अपराधियों के लिए कोई जगह न हो। उन्होंने राज्यों की पुलिस को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के साथ मिलकर काम करने और राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नशीले पदार्थों के नेटवर्क को तोड़ने तथा उनके मुख्य सूत्रधारों को न्याय दिलाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने स्वीकार किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डीजीपी/आईजीपी सम्मेलन, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने, समस्याओं की पहचान करने और समाधान खोजने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है। सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सशक्त बनाना, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) में सुधार करना, तीन नए आपराधिक कानून लाना और नशीले पदार्थों एवं भगोड़े अपराधियों से निपटने के लिए मजबूत कानून बनाना शामिल है। शाह को विश्वास है कि तीन नए आपराधिक कानूनों के पूर्ण कार्यान्वयन के बाद, भारत की पुलिसिंग दुनिया की सबसे आधुनिक पुलिसिंग व्यवस्था में से एक बन जाएगी।
