बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के खिलाफ की गई टिप्पणियों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। बीजेपी ने इस मामले में विरोध प्रदर्शन किया और पटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ उनकी झड़प हुई। बीजेपी ने आरजेडी और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उन्होंने प्रधानमंत्री की मां के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके विरोध में उन्होंने विरोध मार्च निकाला। यह मार्च कुर्जी होली फैमिली अस्पताल से शुरू होकर सदाकत आश्रम, जो कि कांग्रेस का प्रदेश कार्यालय है, तक गया। प्रदर्शनकारियों ने आरजेडी और कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय के पास आपस में भिड़ गए, जिसमें लाठीचार्ज हुआ। सदाकत आश्रम के बाहर का माहौल करीब एक घंटे तक तनावपूर्ण रहा। इस झड़प में दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ता घायल हो गए। मंत्री नितिन नवीन ने आरजेडी और कांग्रेस को चेतावनी दी कि उन्होंने प्रधानमंत्री की मां का अपमान किया है।
मंत्री संजय सरावगी ने कहा कि बिहार किसी भी व्यक्ति की मां का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री 140 करोड़ देशवासियों की सेवा में समर्पित हैं और उन पर अपमानजनक टिप्पणी करना आरजेडी-कांग्रेस की निम्न सोच को दर्शाता है। विधायक संजीव चौरसिया ने कहा कि किसी की भी मां का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आरजेडी प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा कांग्रेस कार्यालय पर किए गए हमले की निंदा की और इसे कायरतापूर्ण कृत्य बताया। उन्होंने कहा कि जो भी प्रधानमंत्री के खिलाफ गलत भाषा का इस्तेमाल करता है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
जेडीयू के प्रवक्ताओं ने संयुक्त बयान जारी कर कांग्रेस और आरजेडी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि आगामी विधानसभा चुनाव में हार के डर से वे गाली-गलौज की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
माले के धीरेंद्र झा ने कहा कि बीजेपी, वोटर अधिकार यात्रा की सफलता से परेशान है और अनर्गल प्रचार कर रही है।
जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि एनडीए सीमांचल में जीत दर्ज करेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने बीजेपी पर दलितों के प्रति घृणित मानसिकता रखने का आरोप लगाया।
मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री पर की गई अपमानजनक टिप्पणी लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है।
एनडीए का संयुक्त कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न नेताओं ने कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने का आह्वान किया।